मानेसर: डिप्टी मेयर के लिए खेल शुरू, कई पार्षद हुए अंडरग्राउंड, दो राव के लिए पद बना नाक का सवाल
मेयर चुनाव को तीन महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस देरी के पीछे दोनों मंत्रियों के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को मुख्य वजह माना जा रहा है।

Gurugram News Network – मानेसर नगर निगम (MCM) में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर चल रहा सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है। केंद्रीय और कैबिनेट मंत्री के बीच की खींचतान ने बुधवार को आधे से ज्यादा पार्षदों को ‘अंडरग्राउंड’ कर दिया। कई पार्षदों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं, जिससे गुरुग्राम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मेयर चुनाव को तीन महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस देरी के पीछे दोनों मंत्रियों के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को मुख्य वजह माना जा रहा है। इन पदों पर चुनाव न होने से नगर निगम के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी असंतोष है।

मानेसर नगर निगम में कुल 20 पार्षद हैं, जिनमें से 7 बीजेपी के और 13 निर्दलीय हैं। सूत्रों के अनुसार, 10 पार्षद राव नरबीर के संपर्क में हैं, जबकि बाकी 10 राव इंद्रजीत के खेमे के साथ बताए जा रहे हैं। दोनों नेता अपने-अपने समर्थक पार्षदों को इन महत्वपूर्ण पदों पर बैठाना चाहते हैं, जिसके लिए जोरदार लॉबिंग चल रही है। एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों खेमे अपने समर्थकों को टूटने से बचाने के लिए उन्हें शहर से बाहर भेज रहे हैं, ताकि दूसरा पक्ष उन तक न पहुंच सके।
यह पूरा सियासी ड्रामा बीजेपी के भीतर की गुटबाजी को भी उजागर करता है। मेयर चुनाव में डॉ. इंद्रजीत कौर, जो खुद को राव इंद्रजीत की समर्थक बताती हैं, ने बीजेपी के सुंदरलाल यादव को हराया था। सुंदरलाल यादव के पक्ष में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और राव नरबीर ने खूब प्रचार किया था, लेकिन राव इंद्रजीत की रणनीति भारी पड़ी थी।










